“बेरोजगारी के खिलाफ बड़ी पहल, सहायक रोजगार इंडिया का बिहार में विस्तार”

“बेरोजगारी के खिलाफ बड़ी पहल, सहायक रोजगार इंडिया का बिहार में विस्तार”


बेरोजगारी के खिलाफ लड़ाई में एक और मजबूत कदम उठाते हुए, **सहायक रोजगार इंडिया** ने आज बिहार के **मुंगेर जिले** में एक नया रोजगार केंद्र आरंभ किया। “घर-घर रोजगार, हर घर खुशहाल” अभियान के तहत यह केंद्र **अटल बिहारी चौक** पर स्थित है और इसका उद्देश्य राज्य के कोने-कोने में रोजगार के अवसरों को पहुँचाना है। 

देशभर में रोजगार के क्षेत्र में सक्रिय यह संस्था अब बिहार में भी अपनी जड़ों को मजबूत कर रही है। उद्घाटन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, युवा, महिलाएं और गणमान्य अतिथि शामिल हुए। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा संस्था के डायरेक्टर **सुनील कुमार** का उत्साहवर्धक भाषण, जिसमें उन्होंने बिहार को बेरोजगारी से मुक्त करने के अपने संकल्प को दोहराया।

सुनील कुमार ने अपने संबोधन में कहा, 
**”हमारा उद्देश्य केवल नौकरियां देना नहीं है, बल्कि युवाओं में आत्मनिर्भरता की भावना जगाना है। बिहार में लघु और मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देकर हम स्थानीय रोजगार के अवसरों का सृजन करेंगे। साथ ही, श्रमिकों के साथ हो रहे शोषण और अन्याय के खिलाफ एक मजबूत आवाज बनेंगे।”**

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे **मुंगेर विधायक प्रणव कुमार** ने सहायक रोजगार इंडिया की सराहना करते हुए कहा, 
**”हम ऐसी संस्थाओं के साथ हैं जो न सिर्फ रोजगार दे रही हैं, बल्कि समाज में जागरूकता और बदलाव की अलख भी जगा रही हैं। मुंगेर में इस तरह का केंद्र खुलना हमारे युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है।”**

**सहायक रोजगार इंडिया के मुंगेर कोऑर्डिनेटर सौरभ कुमार** ने इस अवसर को अपने लिए एक जिम्मेदारी बताते हुए कहा, 
**”यह मेरे लिए गर्व की बात है कि मुझे मुंगेर के युवाओं को रोजगार से जोड़ने का अवसर मिला है। मैं इस कार्य को पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ करूँगा। मेरा प्रयास रहेगा कि इस केंद्र से अधिक से अधिक युवाओं को लाभ मिले।”**

यह रोजगार केंद्र सिर्फ नौकरी की तलाश में जुटे युवाओं के लिए एक ठिकाना नहीं है, बल्कि यह केंद्र सरकारी योजनाओं की जानकारी, स्वरोजगार के प्रशिक्षण, लघु उद्योगों की स्थापना, और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी काम करेगा। केंद्र पर करियर काउंसलिंग, स्किल डेवेलपमेंट, और उद्यमिता प्रशिक्षण जैसे अनेक कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।

स्थानीय निवासी **रीना देवी**, जिनकी बेटी नौकरी की तलाश में है, ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा, 
**”हमें अब पटना या दिल्ली भागने की जरूरत नहीं है। अब यहीं मुंगेर में हमें रोजगार की जानकारी और मदद मिलेगी। यह हमारे लिए एक बड़ी राहत है।”**

सहायक रोजगार इंडिया के इस नए केंद्र की शुरुआत एक नई उम्मीद की किरण है। यह न केवल रोजगार देगा, बल्कि लोगों को आत्मनिर्भर बनने के लिए आवश्यक संसाधन और जानकारी भी प्रदान करेगा। 

संस्था का उद्देश्य है कि अगले एक साल में बिहार के हर जिले में ऐसा ही एक रोजगार केंद्र स्थापित किया जाए। यह पहल निश्चित रूप से बिहार को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएगी और युवाओं को एक बेहतर भविष्य की ओर ले जाएगी।

सहायक रोजगार इंडिया के इस प्रयास ने यह साबित कर दिया है कि अगर इरादे मजबूत हों और दिशा सही हो, तो किसी भी समस्या का समाधान संभव है — और बेरोजगारी जैसी चुनौती भी मात खा सकती है।

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